किसी भी मन्त्र व यन्त्र साधना से पहले, निम्नलिखित बातों पर ध्यान दिया जाये तो साधक को मिलने वाली सफलता निश्चित है। 1. मन्त्र को यदि गुरु-मुख से ग्रहण किया जाये तो ये मन्त्र शीघ्र फल प्रदान किया करते हैं। गुरु बनायें। शीघ्र फल पायें। आगे, गुरु कौन हो, बताया… Continue Reading मन्त्र साधना से पूर्व कुछ आवश्यक बातें

मन्त्रों का उद्भवकाल क्या है ? ये कब रचे गये ? किसने इनकी रचना की? शायद, यह बात कोई नहीं जानता। फिर भी इनके निर्माणकर्ता ऋषि मुनियों को ही माना जाता है। यदि ऋग्वेद को, आर्य जाति का प्राचीनतम् ग्रन्थ स्वीकार किया जाये तो, इनमें तो मन्त्रों का अति विकसित… Continue Reading मन्त्रों का उद्भव एवं विकास

जीवन से मरण तक।यानि, जन्म, यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार, हवनयज्ञ, विवाह, मृत्यु के समय व किरया-करम (मृतक संस्कार) आदि में भी मन्त्र उच्चारण का विधान है। मंत्र शक्ति का इससे अच्छा प्रमाण क्या हो सकता है। मुस्लमान भी, जन्म-मरण के समय “कुरान’ की आयतें पढते हैं। सिक्ख लोग गुरु ग्रन्थ साहिब… Continue Reading मन्त्र की महत्ता

1.मन्त्र शब्द व्यापक अर्थ को संजोये हुये है । वैदिक ऋचाओं के छन्दों से लेकर. देवी-देवताओं की स्तुति तथा हवन में प्रयुक्त किये जाने का निश्चित शब्द विधान तथा कुरान शरीफ में आयी आयतों तक भी, मन्त्र कहा जा सकता है। 2. धर्म-कर्म और मोक्ष प्राप्ति की प्रेरणा देने वाली… Continue Reading मन्त्र क्या है ? यानि मन्त्र की संक्षिप्त परिभाषा